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आज मैंने बस आज को देखा 

सड़कें खाली है आज
हवाओं को दौड़ने का मौका मिला है

लोग घरों में बैठें हैं
आज बादलों ने खूब बातें करी है

कोनों में छुपके बच्चे
पानी में छपाके  मार रहे हैं

आज आसमान ने
बूंदों की रिमझिम की है

पेड़ों ने  धुप से छाओं दी थी
आज पत्तियों ने , टहनियों ने ,
एक दूजे को देखा है

तूने मुझ से , उसने उस से , बहु इश्क़ लड़ाया है
आज गगन ने धरती को इश्क़ जताया है


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