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Showing posts from 2017
 वक़्त नहीं थकाता इंसान को  ये तो बस तजुर्बों का कमाल है। 

बस याद साथ है....

अच्छा लगता है  तेरी यादों के साये में  आंसू छलकना अच्छा लगता है  सर्द हवाओं में  मीठी मीठी  धूप से  चाय की प्याली सा सिक जाना  अच्छा लगता है  बहते  पानी को देख , पत्थर से टकराती  उन लहरों का चिड़िया सा चहचहाना  अच्छा लगता है  छोड़ चले थे जिन राहों को  उनमे क़दमों को बहकना  अच्छा लगता है  बिना डरे , बिना सहमे  बेबाक , परिंदे सा जीना  मुझे अच्छा लगता है